Virgo (कन्या)

वर्ष के आरम्भ में आपकी राशि से चतुर्थ भाव में बहुत से ग्रहों की युति रहेगी। शनि, बृहस्पति, बुध, सूर्य, केतु चतुर्थ भाव में विचरण कर रहे हैं। हालांकि शनि 24 जनवरी को धनु राशि से निकलकर मकर राशि यानि आपकी राशि से पंचम भाव में आ जायेगा। तो यह ग्रह स्थिति बताती है कि चतुर्थ भाव यानि सुख स्थान काफी प्रभावित रहेगा। पारिवारिक, भावनात्मक और व्यक्तिगत उलझनें रहेंगी परन्तु ये सब तात्कालिक होंगी। धैर्य और संयम से स्थितियों को संभालने का प्रयत्न करेंगे तो आपको सफलता प्राप्त होगी। कार्यस्थल पर भी कुछ ऐसी ही स्थिति रहेगी। अतः संतुलन बनाकर रखना अति आवश्यक है।

वर्ष के दूसरे चरण अर्थात अप्रैल से जून के मध्य बृहस्पति भी मकर राशि में चला जायेगा और शनि के साथ युति करेगा। हालांकि बृहस्पति नीच के हैं परन्तु स्वराशि के शनि के साथ होने के कारण नीचभंग राजयोग बना रहा है। सोची हुई योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए उचित समय है और उनके फल लम्बे समय तक मिलते रहेंगे। स्वऊर्जा में इजाफा होगा। इस दौरान बच्चों का प्रदर्शन भी उनके अपने-अपने क्षेत्र में उत्तम रहेगा। घर में कोई मांगलिक कार्य भी संपंन हो सकता है।

जुलाई से 20 नवम्बर के मध्य बृहस्पति वक्री होकर पुनः धनु राशि में आ जायेगा। 19 सितम्बर का राहू नवम भाव में वृष राशि में और केतु तृतीय भाव में वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। वर्ष का यह समय कुछ मिला-जुला रहेगा। कुछ नकारात्मक परिस्थितियां निर्मित होंगी। परन्तु घबरायें नहीं, आपको समस्याओं के हल मिलते रहेंगे। हानि का भी कोई अंदेशा नहीं हैं लेकिन मानसिक तनाव तो रहेगा ही।

वर्ष के अंतिम चरण में बृहस्पति मार्गी होकर पुनः मकर राशि में प्रवेश करेगा। यहां से जीवन की एक नयी यात्रा का शुभारम्भ होगा। पूरा वर्ष आपके पक्ष में है। वर्ष के बीच में जो नकारात्मक परिणाम मिल रहे थे उन्हें धैर्यपूर्वक सुलझाने से वर्ष के अंत में सुखद स्थिति उत्पन्न होगी।